Wednesday, July 17, 2024

ghutane ka dardघुटने का दर्द

               व्यंग                                                         घुटने का दर्द                                                                                                                                                    
            आदमी को  किसी  अंग का महत्व तब महसूस होता है जब वह काम करना बंद कर दे ।  या  उसमे असहनीय दर्द हो । तीन चार दिन से मेरे  घुटने में बेहद पीड़ा हो रही है । मुश्किल से चल पा रहा हूँ । कुछ दिनों से अपने ऑफिस भी नहीं जा पा रहा हूँ ।   पहले मुझे भ्रम था कि घुटने का उपयोग केवल चलने के लिए  हि होता है । पर अब पता चल रहा है कि घुटने का कितना बहुआयामी उपयोग है   । ठिक सत्यनारायण की कथा कि तरह ।
           मेरी पत्नि ने एक-  दो दिन  तक सहानुभूति दिखाई ,थोड़ी सेवा भी करती रही । पर बाद में कहने लगी -अरे घर में भी तो बैठे रहते हो  वैसे ऑफिस में बैठे बैठे काम करो ।वहाँ घुटने - पैर का क्या काम है? ऑफिस में तो दिमाग और हाथ का काम होता है।   अब मैं क्या समझाता कि घुटना   हाथ और दिमाग से जादा महत्वपूर्ण  है ।
              कल कि ही बात है मेरे आफिस के सहकर्मी सौजन्यतावश मिलने आये | वह तो बाद में पता चला कि मिलने  में सौजन्यता कम थी ,बॉस के लिए की जाने वाली खुफियागिरी अधिक थी [मैं भी ऐसे काम बहुत कर चूका हूँ  |]। खैर ,सहकर्मी बता रहे थे कि बॉस ने मेरी छुट्टी मंजूर नहीं की । यह कहते समय भी  उन लोगों के चेहरे पर सहानुभूति के कम, उलाहने के भाव अधिक थे ।ये सारे  लोग मुझसे इसलिए जलते थे कि मै अपना आफिस का बड़ा सेबड़ा  काम  भी बॉस के छाती पर घुटना टेक कर निकाल  लेता था ।अब बॉस को पता चल गया कि मेरा घुटना ख़राब हो गया तो मझे  छुट्टी के भी  लाले पड़ गये । ठिक है! समय समय कि बात है ।
              कई बार छाती पर घुटना टेकने वाली  टेकनीक काम  नहीं आती ।  बॉस कि  तासिर और समय की  नजाकत को भांपकर -समझकर समस्या का इलाज करना पड़ता है । बॉस ईमानदार [ पर अब ये प्रजाति विलुप्ति  के कगार पर है ]हो तो  ,ऐसा आदमी प्रमोशन \ट्रांसफर की भी चिंता नहीं करता । ऐसे आदमी के  छाती  को छूना भी खतरनाक है ,घुटना टेकने कि बात तो दूर की है ।इन्ही लोगों के लिए हिंदी साहित्य में कहा गया कि "आप इनका बाल बांका धि नहीं कर सकते "।
              दूसरे प्रकार के वे व्यक्ति होते हैं जिनके घुटने आप से अधिक मजबूत हो सकते हैं ।   ये   आपकी  छाती पर अधिक ताकत से घुटना टेक सकते हैं ।ये इतने चतुर होते हैं कि एक साथ कई लोगों पर घुटना टेक सकते है ।   ऐसे लोगो से जोर  अजमाइस न करे ।पर इन दोनों प्रकार के लोगों से भी  काम  निकालने  में  आपका घुटना सहायक सिद्ध होसकता है ।इस तरीके में भी घुटना टेकना है पर थोडा सा फर्क है ।   पहले तरीके में  चेहरे पर रौब का भाव रखते हुए छाती पर  घुटना टेकते थे ,पर इस दूसरे तरीके में ऐसे व्यक्ति के सामने सम्पूर्ण श्रध्दा भाव दिखाते हए फर्श पर घुटना टेकना होता है । इस  क्रिया को करते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह क्रिया जहाँ तक हो सके अन्य लोगो कि उपस्थिति में न करे ।ताकि पब्लिक को आपकी कमजोरी का पता न लग सके ।परन्तु समस्या अधिक गम्भीर हो तो चार लोगों के बीच घुटना टेकना अधिक फायदेमंद होता है

         आज का युग प्रतियोगिता का युग है ,ऐसा सुधीजन कह ते हैं । इसमें तो टांग सहित घुटने का बडा महत्व है। जब तक आप तेज चलोगे ,आगे बढ़ते रहोगे ,तब तक दुनिया आपके साथ है। आगे रहना मजबुरी है । आगे रहने का दूसरा मतलब अन्य लोगो को पीछे रखना भी है।कई बार आगे बढ़ते -दौड़ते थकान आ जाती है या आपकी छमता जवाब देने लगाती है तब आपका आगे बढ़ना अवरुद्ध हो जाता है ।ऐसे समय में अपने से आगे बढ़ने वाले कि टांग में टांग फसा दो । यद्यपि यह प्रगति का वाम मार्ग है ।फिर भी इसमें आपको बहुत जादा गलत काम करना नहीं होता । केवल आपसे आगे बढ़ने वाले के बढ़ते कदम में अपनी टांग फंसा कर उसकी गति को अवरुद्ध करना होता है। ताकि वह आपसे आगे न बढ़ सके ।
          घुटनेका एक और अदभुत उपयोग है घुटने के बल रेंगना । आपको किसी बहुत बड़े व्यक्ति से काम निकालना होतो ,उस बड़े व्यक्ति तक घुटनेके बल रेंगते हुए जाने से बड़े लोग शीघ्र कृपालु हो जाते हैं । ऐसा करते समय मान ,सन्मान ,स्वाभिमान जैसे नकारात्मक भावो से दूर रहना चाहिए ।चेहरे  पर जितने   अधिक दीनता के भाव होंगे ,सफलता कि सम्भावना उतनी अधिक होगी ।   
          कई लोगों का दिमाग घुटने में होता है ,ऐसे लोग खतरनाक भी होते हैं तथा सीधे भी । ऐसे लोगों के साथ थोडा दुरी रख कर सम्बन्ध बनाये रखो तो ये भी शुभ फल दाई होते हैं । ऐसे लोगों का अपने दुश्मनो वीरुद्ध अच्छा उपयोग किया जा सकता है ।पर इनकी तासीर बूम रेंग कि तरह होती है । यह वो शस्त्र है जो कभी कभी चलाने वाले पर  पलट कर आक्रमण कर देता है।अतएव इसका उपयोग बड़े सम्हलकर करना चाहिए ।    
।   अथ घुटनाअध्याय समाप्त : । 
लेखक -भास्कर कीन्हेकर 
 

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